प्रोस्टेट कैंसर का शक हो तो कराएं मल्टीपेरामेट्रिक एम् आर आई
प्रोस्टेट कैंसर पुरुषों में एक आम कैंसर है। अगर किसी व्यक्ति की उम्र पचास साल से ज़्यादा हो या उसे पिशाब करने में तकलीफ हो तो उसे ब्लड में पी एस ऐ टेस्ट और रेक्टल जांच करानी चाहिए। अगर पी एस ऐ की मात्रा अधिक हो तो यह संदेहजनक हो जाता है। पी एस ऐ प्रोस्टेट कैंसर में तो बढ़ता ही है पर इन्फेक्शन और कुछ अन्य कारणों से भी बढ़ सकता है। कैंसर और अन्य कारणों में अंतर करने के लिए मल्टीपेरामेट्रिक एम् आर आई की एक ख़ास भूमिका है। यह एक स्पेशल तकनीक है जिसमे प्रोस्टेट को बारीकी से देखा जाता है।
छोटी से छोटी गाँठ भी इसमें दिखाई दे जाती है। साथ ही यह भी मालूम लगता है कि उसमे कैंसर होने का कितना संदेह है। कैंसर होने के शक के अनुसार रिपोर्ट में एक से पांच तक ग्रेड दिया जाता है। अगर ग्रेड ज़्यादा है , मतलब कैंसर का शक है। ऐसे में बाईओप्सी की जाती है। जिन लोगों में रिपोर्ट के अनुसार कैंसर का कोई शक न हो तो उन में बाईओप्सी की आवश्यकता नहीं होती और उन्हें फॉलो उप में रखा जाता है।
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